सोमवार, मई 09, 2005

कितनी बातें याद आती है

Male -कितनी बातें याद आती है .. तस्वीरे सी बन जाती है.. मैं कैसे इन्हे भूलूँ.. दिल को क्या समझाऊँ
Female -कितनी बातें केहने की है.. होँठो पर जो सेहमी सी है..एक रोज़ इन्हें सुन लो ..क्यूँ ऐसे गुमशुम हो

Male -क्यूँ पूरी हो न पाई दास्ताँss
Female -कैसे आई हे ऐसी दूरियाँss

Male -दोनो के दिलों मे छुपा है जो इक अंजाना सा गम.. क्या हो पायेगा वो कम ..कोई क्या कहे

Female -दोनो ने कभी ज़िन्दगी के इक मोड पे थी जो पाई.. है कैसी वो तन्हाई.. कोई क्या कहे

Male -कितना वीरान है ये समाँ

Female -साँसो मे जैसे घुलता है धुआँ... कैसे आई है ऐसी दूरियाँ

Male -कितनी बातें याद आती है .. तस्वीरे सी बन जाती है.. मैं कैसे इन्हे भूलूँ.. दिल को क्या समझाऊँ

Female -तुमसे आज़ यूँ मिलके दिल को याद आए लम्हे कल के..
ये आंसू फिर क्यूँ छलके.. अब क्या कहे

Male -तुमने हमको देखा जो ऐसे तो इक उम्मीद है जागी ..फिर तुमसे प्यार पाने की ..अब क्या कहे

Female -आ गये हम कहाँ से कहाँ

Male -देखे मुड कर ये दिल का कारवाँ.. कैसे आई है ऐसी दूरियाँ


Female -कितनी बातें केहने की है.. होँठो पर जो सेहमी सी है..एक रोज़ इन्हें सुन लो ..क्यूँ ऐसे गुमशुम हो



Male -कितनी बातें याद आती है .. तस्वीरे सी बन जाती है.. मैं कैसे इन्हे भूलूँ.. दिल को क्या समझाऊँ



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